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जाने कैसा वक्त है ?
जाने कैसा वक्त है ? वक्त का पता भी नही चलता सुबह होती है , साम होती है जिन्दगी युही तमाम होती है सोचता हूँ खुद में समाहित कर लूँ या उन...
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कही खो गया हूँ पहले तो तुझ में ही था ? या तुमसा था ? अब कुछ और हो चूका हूँ. चाहत स्थिर है ... सपने सितारे बन गये कुछ है तो एक बंद मुट्ठ...
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हे ! सुनो, जाने कब से बात नही होती ? तुम बदल रही हो ? या मौसम का असर है ? बात होती है पर उसमें कोई बात नही होती साथ होती तो हो तुम पर सा...
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जाने कैसा वक्त है ? वक्त का पता भी नही चलता सुबह होती है , साम होती है जिन्दगी युही तमाम होती है सोचता हूँ खुद में समाहित कर लूँ या उन...
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